देश की सेवा का समय आ गया है, तैयार
हैं न आप ....
क्या बार्डर पर जाकर जंग लड़ना ही देश सेवा
है या मानव द्वारा मानवता की सेवा असल देश सेवा है, इस बात का जवाब स्वयं से
जरूर पूछियेगा क्येांकि कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच जब हमको देश के प्रति समाज
के प्रति कुछ करने का मौका मिला है तो हम अपनी जिम्मेदारियेां से भाग रहे हैं, आज भी कई लोग बिना कारण घर से निकल रहे हैं, पार्क में
घूम रहे हैं और अपनी मनमानी जिदंगी बसर कर रहे हैं। माना कि आपको अपनी जिदंगी से मोह
नहीं लेकिन भारत में कोविड-19 कोराना का प्रभाव यदि 10 प्रतिशत लोगों को भी हुआ तो
इन 10 प्रतिशत लोगों की मनमानी शेष 90 प्रतिशत लोगों पर भी भारी पड़ सकती है। ऐसे
में सरकार की सारी कवायदें घरी रह जाएंगी, आज जब जरूरत है समाज
व देश के लिए कुछ करने की तो क्या हमारी जिम्मेदारी नहीं है, कि हम जागरुक हो और आसपास के लोगों को भी इस भयावह बीमारी के बारे में जागरूक
करें। भारत में यह भी देखने को मिला कि कोरोना प्रभावित लोग अभी भी पार्टियां कर रहे
हैं, ताजा मामला मशहूर गायिका कनिका कपूर का है, जिनमें कोरोना वायरस पॉजीटिव आया है। राजस्थान के एक जिले में भी कोविड-19
के कारण कर्फ्यू लगाना पड़ा। चीन से ज्यादा हालात ईरान में खराब हो चले हैं। शक्तिशाली
देश अमेरिका, चीन ईरान जैसे देश भी कोविड-19 से जूझ रहे हैं, सोचिए अगर स्थिति भयावह न होती तो स्वयं प्रधानमंत्री को आप से जनता कर्फ्यू
के लिए क्यों बोलना पड़ता। भारत में तेजी से बढ़ते हुए कोराना संक्रामक मामले को लेकर
सरकार ने कड़े फैसले लिए हैं, दिल्ली में रविवार को मेट्रो सेवा
तक बंद कर दी गई हैं। अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप भी इससे बचने को कम से कम बाजार
में निकले तो रविवार को पूरे दिन जनता कर्फ्यू का पालन करते हुए स्वयं को आइसोलेट
करें। स्वयं के बचाव के साथ आसपास के लोगों का भी सहयोग करें और लोगों को इसके बारे
में जागरुक करते हुए वक्त की नजाकत को समझाएं। कहावत हैं कि जब हवा जब उल्टी हो तो
हवा की तरफ ही बहना चाहिए नहीं तो स्वयं का नुकसान होना तय है। तो तैयार हैं न आप
कोविड-19 से जंग लड़ने के लिए।
-
आकाशदीप भारद्वाज

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