देख माँ तेरा बेटा इतना बड़ा हो गया..
छोटी-छोटी बातों पर जिद करने वाला , आज अकेले में रोना सीख गया देख मां तेरा बेटा आज , इतना बड़ा हो गया ।। कभी न थी चिंता की लकीरें जिसके माथे पर , हर समय रहता था वह अपनी अट्टाहास में मग्न , देख आज वो भी जिम्मेदारी लेना सीख गया ।। बचपन में उसका तेरी लोरी सुनकर सोना , तेरी गोदी में बैठकर उसका झूले झूलना , एक बार उसके रूठने पर सौ बार तुम्हारा मनाना , देख लो वो अब बंद कमरे में अकेला रहना सीख गया ।। तूने कहा था न कब बड़ा होगा तू कब जिम्मेदारी समझेगा तू देख मां में आज कितना इतना बड़ा हो गया जिम्मेदारी लेना भी सीख गया।। देख मां तेरा बेटा आज इतना बड़ा हो गया....