पिता की ममता
पिता की ममता मां की ममता दुनिया की सबसे बड़ी अनुभूति है, सच भी है कि मां की समान कोई भी नहीं होता। मानसिक संवेदनाएं मां से अधिक अन्य किसी को स्वीकार नहीं करती। लेकिन मां के वात्सल्य का सबसे बड़ा पूरक पिता ही है। वह अपनी ममता को हदय में दबाए सबकुछ न्योछावर करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा देता है। पिता अपनी संतान के लिए भी हर क्षण मरता है। यह इस संसार की विडंबना ही कही जाएगी कि मां की ममता तो सबको दिखती है, लेकिन पिता की ममता को स्पर्श नहीं कर पातो। पिता के कठोर व्यवहार में ममता कासागर नहीं खोज पाते। सोचिए जरा दिमाग पर जोर देकर कि यह संसार एक पिता पर कितना बड़ा अन्याय करता है। मां के पास सभी जाना चाहते हैं, लेकिन पिता के पास उनके मन की गहराइयों तक कोई नहीं पहुंचना चाहता। पिता की ममता ही है जो प्रेम के अथाह समुद्र मे...